महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में शिवसेना प्रवक्ता डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने राज्यसभा सांसद संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया है। उन्होंने कहा कि संजय राउत का व्यवहार और बयान इस स्तर तक पहुंच चुके हैं कि उनका खुले समाज में रहना उचित नहीं है और उन्हें मानसिक चिकित्सालय भेजा जाना चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) छोड़कर शिवसेना में शामिल हुए छह सांसदों के खिलाफ संजय राउत द्वारा सार्वजनिक मंचों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियां अमर्यादित और अलोकतांत्रिक हैं। उन्होंने इन बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की।
शिवसेना प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राउत लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां कर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री शिंदे को लेकर की गई टिप्पणी पर जताई आपत्ति
डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संदर्भ में संजय राउत द्वारा की गई कथित ‘डिलीवरी’ संबंधी टिप्पणी पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि किसी पुरुष के लिए इस तरह की अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मिश्रा ने कहा कि ऐसी भाषा वही व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है, जिसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया हो। उन्होंने दावा किया कि संजय राउत की बयानबाजी ने ही यूबीटी की राजनीतिक स्थिति को नुकसान पहुंचाया है।
संजय राउत ने क्या कहा था?
संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे प्रेग्नेंट थे और उन्होंने छह सांसदों को जन्म दिया है। यह डिलीवरी नंदनवन में हुई। दरअसल नंदनवन शिंदे का सरकारी आवास है, जहां शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले कई बागी सांसद कथित तौर पर इकट्ठा हुए थे।
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