जीएसटी सुधारों को सीएम योगी ने बताया जनता के लिए दिवाली का तोहफा, कहा- प्रदेश की जीडीपी में…

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में किए गए बदलाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया। उन्होंने नई दरों को “नेक्स्ट जेन जीएसटी” का नाम देते हुए कहा कि यह आम जनता के लिए दिवाली से पहले मिला बड़ा तोहफा है।

लखनऊ में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है, इसलिए यहां के लोगों और उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उनका अनुमान है कि इन सुधारों से प्रदेश की जीडीपी में 0.2 से 0.3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी।

जीएसटी में बड़े बदलाव

सीएम योगी ने बताया कि जीएसटी लागू होने के समय पांच कर स्लैब थे, जिन्हें घटाकर अब सिर्फ दो (5% और 18%) कर दिए गए हैं। केवल लग्जरी वस्तुओं के लिए 40% का अलग स्लैब रखा गया है। रोजमर्रा के सामानों को नई दरों में शामिल करने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

किसानों और उद्योगों के लिए फायदा

योगी ने कहा कि कर सुधारों के कारण यूपी को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। पहले जहां वैट और सेल टैक्स से 49 हजार करोड़ रुपये का राजस्व आता था, वहीं अब यह 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पिपरमेंट, फुटवियर, रेडीमेड वस्त्र और “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” उद्योगों को खासा फायदा होगा।

  • सिंथेटिक मेंथॉल पर 18% टैक्स

  • ऑर्गेनिक मेंथॉल पर केवल 5% टैक्स

इससे किसानों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत

नई जीएसटी दरों से लोगों के खर्च में कमी आएगी। दूध, दही, पनीर, साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू, साइकिल और बच्चों के उत्पादों पर शून्य से 5% तक ही टैक्स लगेगा। इससे न सिर्फ रोजाना का खर्च घटेगा बल्कि लोगों की खरीदारी क्षमता भी बढ़ेगी।

  • 2500 रुपये तक के जूते और रेडीमेड कपड़े पर सिर्फ 5% जीएसटी

  • चमड़ा उद्योग, बनारसी साड़ी और अन्य पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा

रोजगार और विकास की संभावनाएँ

योगी ने कहा कि नए सुधारों से यूपी के कारीगरों और हस्तशिल्पियों को खास प्रोत्साहन मिलेगा। बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली का जरदोजी, जालौन का कागज उद्योग और फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग जैसे क्षेत्र तेजी से विकसित होंगे। इससे न केवल उत्पादन और मांग बढ़ेगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होंगे।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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