बिहार में चुनावी आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 129 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसे चुनाव से पहले सरकार की अंतिम महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।
स्कूली छात्रवृत्ति दोगुनी
कैबिनेट ने शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत ‘मुख्यमंत्री बालक-बालिका योजना’ के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी कर दी गई। इस फैसले से राज्य के सभी वर्ग के स्कूली छात्र-छात्राओं को सीधे लाभ मिलेगा।
सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता बढ़ा
नीतीश सरकार ने सप्तम वेतनमान के तहत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की। पहले 55% भत्ता अब बढ़ाकर 58% कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी।
बड़े बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को हरी झंडी
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भागलपुर ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा के निर्माण के लिए 931 कर भूमि अधिग्रहण हेतु 472.72 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली।
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सहरसा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु 147.76 करोड़ रुपये स्वीकृत।
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पटना जिले के मोकामा को सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पथ निर्माण विभाग की 10.11 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी।
विकास मित्रों के लिए सुविधाएं
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत 9817 विकास मित्रों को टैबलेट खरीदने हेतु 25,000 रुपये प्रति विकास मित्र स्वीकृत किए गए। इसके लिए कुल 24.54 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली। साथ ही, विकास मित्रों के परिवहन भत्ता और स्टेशनरी भत्ता को बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया, जो 1 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इसके लिए आगामी 7 महीनों के लिए 27.48 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। कुल मिलाकर विकास मित्रों को खर्च करने के लिए 52.03 करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट ने दी।
अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियां
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कोर्ट में निबंधक के एक पद, जिला न्यायाधीश निबंधक का एक पद और असैनिक न्यायाधीश का एक पद समेत कुल तीन पदों की स्वीकृति भी कैबिनेट ने दी।
इस बैठक से यह साफ हुआ कि चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने आम लोगों, कर्मचारियों और विकास परियोजनाओं के लिए बड़े कदम उठाए हैं।










