Supertech Scam : 9,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच होगी तेज, CBI ने यूपी और हरियाणा पुलिस से मांगी हेल्प

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Supertech Scam : देश के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक सुपरटेक लिमिटेड के लगभग 9,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के लिए CBI ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पुलिस प्रमुखों से पुलिस बल की मांग की है। जानकारी के अनुसार, जांच के लिए CBI राज्य पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों की मदद से विशेष जांच दल (SIT) बनाएगी। यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि अधिकांश प्रभावित प्रोजेक्ट्स NCR क्षेत्र में स्थित हैं।

CBI की जांच और सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने इस घोटाले की जांच शुरू की है। इसके तहत अब तक 7 अलग-अलग प्रारंभिक जांचें (Preliminary Enquiries) चल रही हैं। हजारों करोड़ रुपये के घोटाले की गहराई तक जाने के लिए CBI को बड़ी संख्या में अनुभवी पुलिस अफसरों की जरूरत है।

यूपी पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजकर CBI ने 12 डिप्टी SP, 20 इंस्पेक्टर, 10 महिला कॉन्स्टेबल/हेड कॉन्स्टेबल और 10 पुरुष कॉन्स्टेबल/हेड कॉन्स्टेबल की मांग की है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जोन और रेंज स्तर पर पत्र जारी कर इच्छुक पुलिसकर्मियों से आवेदन मांगे हैं।

आवेदन के लिए मानक:

  • वर्ष 2018 तक भर्ती हुए हों

  • उम्र 54 वर्ष से अधिक न हो

  • पिछले 5 साल में कोई दंड न मिला हो

  • किसी जांच या मुकदमे में शामिल न हों

  • सत्यनिष्ठा प्रमाणित हो

सुपरटेक घोटाला क्या है?

सुपरटेक घोटाला भारत के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक लिमिटेड से जुड़ा बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी मामला है। इसमें मुख्य रूप से:

  • होम बायर्स को धोखा देना

  • प्रोजेक्ट्स समय पर पूरा न करना

  • बैंकों और बिल्डर्स के बीच सांठ-गांठ कर फंड का गलत इस्तेमाल

कंपनी ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और NCR के कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे। हालांकि, एडवांस पैसे लेने के बाद कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए। इसके अलावा, बैंकों से लिए गए लोन का उपयोग जमीन खरीदने और अन्य जगहों पर किया गया।

घोटाले का पैमाना

सुपरटेक घोटाले में लगभग 36,000 होम बायर्स प्रभावित हुए और अनुमानित नुकसान 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। इसमें शामिल हैं:

  • होम बायर्स को धोखा देना

  • बैंक लोन फ्रॉड और फंड डायवर्जन

  • सब्सिडी स्कीम स्कैम के तहत 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन की हेराफेरी

जांच कब से चल रही है

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में सुपरटेक प्रोजेक्ट्स और बिल्डर-बैंक नेक्सस की जांच के लिए CBI को प्रारंभिक जांच शुरू करने का आदेश दिया। आदेश का आधार था सब्सिडी स्कीम्स का दुरुपयोग, जहां बैंकों ने बिना प्रोजेक्ट पूरे हुए बिल्डर्स को 60–70% लोन दे दिया। कोर्ट ने CBI को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का निर्देश भी दिया।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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