उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मंगलवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाता सूचियों को ठीक करने का चुनाव आयोग का कदम लोकतंत्र को मजबूत करने वाला है, लेकिन इस पर राजनीति करना विपक्ष की हार की हताशा को दर्शाता है।
विपक्ष अपनी हार का ठीकरा आयोग पर फोड़ रहा है”
बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल जनता का भरोसा खो चुके हैं, इसलिए अब वे अपनी हार का दोष चुनाव आयोग पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, विपक्ष की पुरानी आदत है कि हार की वजह खुद में खोजने के बजाय वो संस्थाओं पर सवाल उठाता है। इनके पास अब जनता नहीं, सिर्फ नेता बचे हैं।”
“सपा और दहशत एक-दूसरे के पूरक हैं”
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा सरकार के वक्त राज्य में भय और अराजकता का माहौल था, जबकि बीजेपी सरकार में कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, दहशत और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे के पूरक हैं। आज अपराधी जेल में हैं और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है।”
“भाजपा सबका विकास चाहती है, तुष्टीकरण नहीं”
एआईएमआईएम नेता शौकत अली के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजेश पाठक ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं, जबकि बीजेपी की सोच ‘सबका साथ, सबका विकास’ की है। उन्होंने कहा, “हम जाति और धर्म की राजनीति नहीं करते। हमारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंच रहा है, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम।”
“राहुल गांधी के पोस्टर से जनता को कोई फर्क नहीं”
बिहार चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर डिप्टी सीएम ने राहुल गांधी पर व्यंग्य करते हुए कहा, “राहुल गांधी पोस्टर में हों या न हों, जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार की जनता समझ चुकी है कि चेहरों से नहीं, काम से वोट मिलते हैं।”
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले चुनावों में जनता एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को प्रचंड बहुमत से जिताएगी।
भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में
वाराणसी में दिए इस बयान के जरिए बृजेश पाठक ने न केवल विपक्ष को आड़े हाथों लिया, बल्कि यह भी साफ संकेत दिया कि भाजपा 2025 के चुनावों की तैयारी में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है।










