पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। दरभंगा में जनसभा के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए “तीन बंदरों” का जिक्र किया, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी करारा जवाब दिया है।
अखिलेश यादव का पलटवार
योगी आदित्यनाथ के ‘पप्पू, टप्पू और अप्पू’ वाले बयान के बाद अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, जो लोग आईना देखकर आते हैं, उन्हें हर तरफ बंदर नजर आते हैं। बंदर की टोली में बैठा दिये जाएं तो अलग नजर भी नहीं आते हैं!”
अखिलेश के इस ट्वीट के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या कहा था सीएम योगी ने?
दरभंगा जिले के केवटी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी के तीन बंदर बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो का संदेश देते थे। लेकिन इंडिया गठबंधन के तीन नए बंदर हैं पप्पू, जो एनडीए के काम को देख नहीं सकता, टप्पू जो सुन नहीं सकता और अप्पू, जो बोलते समय सच्चाई स्वीकार नहीं करता।
योगी ने कहा कि एनडीए सरकार बिहार में विकास का नया अध्याय लिख रही है, लेकिन विपक्षी नेता इसे देखना और मानना नहीं चाहते।
दोनों ओर से चुनावी हमले तेज
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं की बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। एक ओर योगी आदित्यनाथ एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में सभाएं कर रहे हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव महागठबंधन के लिए प्रचार में जुटे हैं।
बदलाव के लिए तैयार है बिहार– अखिलेश यादव
अपने एक अन्य बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, इस बार बिहार की जनता परिवर्तन लाने जा रही है। राज्य में एक नौजवान मुख्यमंत्री की सरकार बनने जा रही है, जो नई सोच और नई दिशा देगा।”
बिहार चुनाव में अब उत्तर प्रदेश के नेताओं की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। जहां योगी आदित्यनाथ एनडीए के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं अखिलेश यादव युवाओं और बदलाव की राजनीति को मुद्दा बना रहे हैं।










