कार्तिक पूर्णिमा : काशी के गंगा घाटों पर स्नान के लिए उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब, लगा रहें आस्था की डुबकी 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बुधवार सुबह सूर्य की पहली किरण पड़ते ही श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जन की कामना की। गंगा के घाटों पर लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा शहर भक्ति और उत्साह में डूबा नजर आया।

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि देशभर से श्रद्धालु आज के दिन वाराणसी पहुंचकर गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं।

सुबह से घाटों पर उमड़ी भीड़

भोर होते ही राजघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सीघाट, और शीतला घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। महिलाओं, बच्चों और वृद्धों सहित हर आयु वर्ग के लोग गंगा में स्नान करते दिखे। घाटों पर “हर हर गंगे” और “जय भोलेनाथ” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एसीपी कोतवाली अतुल अंजान त्रिपाठी स्वयं घाटों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए सभी घाटों को 10 जोन, 18 सेक्टर और 34 सब-सेक्टर में बांटा गया है। जहां सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है- जैसे राजघाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सीघाट, वहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं निगरानी कर रहे हैं।

ड्रोन और वॉच टावर से निगरानी

एसीपी ने बताया कि घाटों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही कमांड सेंटर से भीड़ के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए 28 वॉच टावर बनाए गए हैं।

पुलिस और प्रशासन ने बताया कि आने वाले देव दीपावली पर्व को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी सख्त किया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें