बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राघोपुर सीट एक बार फिर सुर्खियों में रही। आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर शानदार जीत दर्ज करते हुए लगातार तीसरी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया है। 32 राउंड की गिनती के बाद तेजस्वी ने अपने क़रीबी प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार को हराया।
कितने वोट मिले?
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तेजस्वी यादव (आरजेडी): 1,18,597 वोट
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सतीश कुमार (बीजेपी): 1,04,065 वोट
काउंटिंग के दौरान कई बार मुकाबला रोमांचक हो गया था। तेजस्वी कुछ राउंड में पीछे भी हुए, जिसके बाद माहौल में हलचल बढ़ गई थी, लेकिन अंतिम राउंड्स में उन्होंने मजबूत बढ़त बना ली।
क्यों था राघोपुर सीट पर इतना दबाव?
इस बार राघोपुर सीट को तेजस्वी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। स्थानीय नाराजगी, जातीय समीकरण और दियारा क्षेत्र के मतदाताओं का रुख—सभी ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया था।
स्थिति को संभालने के लिए राबड़ी देवी, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य समेत पूरा लालू परिवार मैदान में उतरा। तेजस्वी भी खुद लगातार राघोपुर जाकर मतदाताओं से संपर्क बनाए हुए थे।राघोपुर: लालू परिवार का मजबूत किला
राघोपुर सीट का लालू परिवार से गहरा संबंध रहा है।
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1995: पहली बार लालू प्रसाद यादव यहां से विधायक बने
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राबड़ी देवी: 3 बार विधायक
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तेजस्वी यादव: 2015, 2020 और अब 2025—तीन बार लगातार जीत
2010 को छोड़ दें तो लगभग तीन दशकों से यह सीट लालू परिवार के नियंत्रण में है।
2000 में दो उपचुनाव, राबड़ी–लालू का राजनीतिक सफर
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1995 में लालू की जीत के बाद चारा घोटाले के चलते राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया गया और उपचुनाव हुआ।
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फिर 2000 में लालू ने दोबारा जीत दर्ज की, लेकिन बाद में हुए उपचुनाव में राबड़ी देवी ने सीट संभाली।
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2005 में दो बार चुनाव हुए, दोनों बार राबड़ी देवी विजयी रहीं।
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2010 में भाजपा के सतीश राय ने राबड़ी देवी को करीब 13,000 वोटों से हराया था।
इसके बाद 2015, 2020 और अब 2025—लगातार तीन बार तेजस्वी यादव राघोपुर से जीत दर्ज कर चुके हैं।










