जातिगत जनगणना ऐतिहासिक कदम, ओबीसी समाज पूरी तरह पीएम मोदी के साथ- डॉ. के. लक्ष्मण

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वाराणसी। भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने रविवार को काशी में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार द्वारा आगामी जनगणना में जाति आधारित आंकड़े शामिल करने के फैसले को “स्वतंत्रता के बाद ओबीसी समाज के लिए सबसे बड़ा सुधार” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों पुरानी मांग को पूरा कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है।

काशी में संगठन बैठकों की समीक्षा

डॉ. लक्ष्मण वाराणसी दौरे पर भाजपा संगठन की समीक्षा बैठकों में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक चुनावों की निगरानी की जिम्मेदारी मिली है।
साथ ही दो प्रमुख राष्ट्रव्यापी अभियानों—

  • सरदार पटेल 150वीं जयंती वर्ष कार्यक्रम

  • वंदे मातरम 150 वर्ष अभियान
    की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

जातिगत जनगणना ओबीसी समाज की ऐतिहासिक माँग”

डॉ. लक्ष्मण ने कहा, देश की आज़ादी के बाद पहली बार 2026 की जनगणना में जाति को जोड़ा जा रहा है। यह ओबीसी समाज की दशकों पुरानी मांग थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे पूरा कर ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत की है। पूरा ओबीसी समाज उनका आभार व्यक्त करता है।”

कांग्रेस पर तीखा हमला

डॉ. लक्ष्मण ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा—

  1. जातिगत जनगणना कांग्रेस ने रोकी
    1952 में काका कालेलकर आयोग ने ओबीसी जनगणना और आरक्षण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन नेहरू ने सिफारिशें खारिज कर दीं।

  2. आजादी के बाद जाति कॉलम हटाया गया
    ब्रिटिश काल में हर 10 साल जातिगत गणना होती थी, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने इसे सेंसेज से ही हटा दिया।

  3. नेहरू व इंदिरा दोनों ने OBC आरक्षण का विरोध किया
    1961 में नेहरू ने सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर जाति आधारित आरक्षण का विरोध किया।
    इंदिरा गाँधी ने भी मंडल आयोग को वर्षों तक ठंडे बस्ते में रखा।

  4. “राहुल गांधी भ्रम फैला रहे”
    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी गलत जानकारी देकर समाज को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

सपा, राजद और क्षेत्रीय दलों पर भी निशाना

डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि 10 साल तक यूपीए सरकार सपा-राजद के समर्थन से चली, लेकिन फिर भी OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया, “अगर आप OBC हितों के प्रति इतने संवेदनशील थे, तो आयोग को संवैधानिक दर्जा क्यों नहीं दिया?”

मोदी को तीसरी बार ऐतिहासिक जनादेश

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार ऐतिहासिक जनसमर्थन के साथ सत्ता में लौटे हैं और इसमें ओबीसी समाज की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में फिर से हैट्रिक बनाएगी।

राहुल गांधी को चुनौती

डॉ. लक्ष्मण ने राहुल गांधी के “जितनी आबादी, उतना हक” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“पहले अपने परिवार की आबादी बताइए। तीन सांसद आपके परिवार से हैं। आपकी आबादी कितनी है?”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल भ्रम की राजनीति कर रहे हैं।

जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय का नया अध्याय”

डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि 84 साल बाद देश में पहली बार जाति आधारित आधिकारिक डेटा उपलब्ध होगा, जिससे—

  • ओबीसी कल्याण योजनाओं को मजबूत आधार मिलेगा

  • आरक्षण और नीतियों का वैज्ञानिक पुनर्मूल्यांकन संभव होगा

  • सामाजिक न्याय और समता की दिशा में नए युग की शुरुआत होगी

अंत में उन्होंने कहा कि पूरा ओबीसी समाज प्रधानमंत्री मोदी के साथ एकजुट खड़ा है और यह निर्णय सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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Author: News Rastra

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