दुबई एयर शो में तेजस विमान दुर्घटना में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल को बुधवार को उनके पैतृक गांव पटियालकर (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी पत्नी और स्वयं वायुसेना की अधिकारी विंग कमांडर अफशां ने नम आंखों के साथ अपने जीवनसाथी को आखिरी सलामी दी। इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को रुला दिया।
34 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहीद हुए नमांश
विंग कमांडर नमांश स्याल एक बेहतरीन अफसर और एथलेटिक फिटनेस के लिए जाने जाते थे। वे हैदराबाद एयरबेस पर तैनात थे। परिवार में उनकी पत्नी अफशां, छोटी बेटी आर्या और माता-पिता शोक संतप्त हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक हादसा 21 नवंबर 2025 को दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ। तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान अचानक नियंत्रण खो बैठा और कम ऊंचाई पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, जिसमें विंग कमांडर स्याल ने अपनी जान गंवा दी।
भारतीय वायुसेना ने जताया गहरा शोक
भारतीय वायुसेना ने एक बयान जारी कर विंग कमांडर स्याल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, विंग कमांडर स्याल एक समर्पित फाइटर पायलट और प्रोफेशनल अधिकारी थे। उनका कौशल, दृढ़ निष्ठा और कर्तव्य के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।”
सदर्न एयर कमांड ने भी सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा, 21 नवंबर को देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल को सलाम। आपकी हिम्मत और लगन हमें सदैव प्रेरणा देती रहेगी। आप बहुत जल्दी चले गए, लेकिन कभी भुलाए नहीं जाएंगे। IAF इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है।”
परिवार में भी रही वायुसेना की विरासत
विंग कमांडर नमांश स्याल के पिता जगन्नाथ स्याल स्वयं भारतीय वायुसेना में रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे। उनकी मां बीना देवी गृहणी हैं।










