वाराणसी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर काशी में उत्साह का खास माहौल देखने को मिला। उनकी आगमन पूर्व संध्या पर विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर आयोजित गंगा आरती को पूरी तरह उनके स्वागत के रंगों में रंग दिया गया। घाट पर हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मिट्टी के दीयों से “WELCOME” लिखकर पुतिन के प्रति सम्मान प्रकट किया। दीयों की जगमगाहट ने पूरा घाट एक अद्भुत दृश्य में बदल दिया।
गंगा आरती के दौरान कई श्रद्धालु पुतिन के पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे और भारत-रूस की मित्रता का संदेश दिया। इस दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और सौहार्दपूर्ण रहा, जहां पंडितों के मंत्रोच्चार, घंटों-घड़ियालों की ध्वनि और दीयों की रौशनी ने आरती को और भव्य बना दिया।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि काशी की संस्कृति दुनिया को शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का संदेश देती है, और पुतिन के स्वागत के लिए यह विशेष आयोजन उसी परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गंगा आरती के माध्यम से काशीवासियों ने रूस के राष्ट्रपति के प्रति अपनी शुभकामनाएं और सम्मान व्यक्त किया है।
पुतिन के भारत आने से पहले काशी में ऐसा उत्साह भारतीय-रूसी संबंधों की मजबूती को भी दर्शाता है।










