वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी का मास्टरमाइंड माने जा रहे शुभम जायसवाल को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कार्रवाई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले ही उसने अपने और परिवार के 14 बैंक खातों से लगभग 50 करोड़ रुपये निकालकर छिपा दिए थे। पुलिस अब इस रकम के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है।
सोनभद्र से शुरू हुआ मामला
18 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद से रांची भेजे जा रहे कफ सिरप के दो कंटेनरों को पकड़ा था। यह खेप करीब तीन करोड़ रुपये की थी। इसी कार्रवाई के बाद शुभम को अंदेशा हो गया कि पुलिस उसके नजदीक पहुंच चुकी है। उसी रात से उसने अपना नेटवर्क सक्रिय कर दिया था।
4 नवंबर को नामजद, अगले दिन फरार
गाजियाबाद पुलिस ने 4 नवंबर को शुभम जायसवाल को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया। इसके अगले ही दिन शुभम अपने पिता भोला प्रसाद, पार्टनर गौरव जायसवाल और वरुण सिंह के साथ दुबई भाग गया। भागने से पहले उसने करोड़ों की रकम अलग-अलग तरीकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दी थी।
14 बैंक खातों से निकाले 50 करोड़ रुपये
जांच में सामने आया है कि शुभम के पास SBI, HDFC समेत कई बैंकों में बड़ी संख्या में कारोबारी खाते थे। इन खातों में बड़े पैमाने पर लेन-देन होता था। पुलिस को पता चला है कि करीब 50 करोड़ रुपये धीरे-धीरे निकाल लिए गए। आशंका है कि ज्यादातर रकम नकद में निकाली गई ताकि उसे ट्रेस न किया जा सके।
दवा विभाग ने दर्ज किया मामला
15 नवंबर को औषधि विभाग ने शुभम, उसके पिता और रांची की फर्म शैली ट्रेडर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके साथ ही 26 मेडिकल दुकानों को भी जांच के दायरे में लिया गया। इसके बाद वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस सक्रिय हुई और शुभम के खातों में मौजूद दो करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए।
अब पुलिस यह जांच कर रही है कि बाकी रकम किस तरह निकाली गई और कहां छिपाई गई। मामले में कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।










