वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इसके मुख्य सरगना और शैली ट्रेडर्स के संचालक शुभम जायसवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। उसका बिजनेस पार्टनर महेश सिंह भी अब 25 हजार का इनामी आरोपी बना दिया गया है। दोनों पर धोखाधड़ी और नारकोटिक्स एक्ट के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस और एसआईटी दोनों की टीमों ने लगातार दबिशें डालीं, लेकिन अब तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
गिरफ्तारी न होने पर संपत्ति कुर्की की तैयारी
शुभम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आदमपुर के प्रहलाद घाट के कायस्थ टोला और सिगरा के बादशाहबाग स्थित उसके मकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने परिजनों को नोटिस भी दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि वह जल्द गिरफ्तार नहीं होता, तो उसकी संपत्तियों की कुर्की और बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अन्य पार्टनर भी पुलिस के रडार पर
सिंडिकेट से जुड़े शुभम के अन्य सहयोगी वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और विशाल मल्होत्रा की भी तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन सभी पर भी जल्द इनामी राशि बढ़ाई जा सकती है। आरोपी दिवेश जायसवाल, अंकुश सिंह और घनश्याम मौर्य समेत कई लोगों की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है। शुभम के पिता भोला प्रसाद को पहले ही सोनभद्र पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कई जिलों में दर्ज FIR, अलग-अलग राज्यों में ठिकाने
शुभम जायसवाल के खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद में कई मुकदमे दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने दुबई, कोलकाता, दिल्ली और उत्तराखंड में भी सुरक्षित ठिकाने बना रखे हैं। झारखंड के रांची स्थित शैली ट्रेडर्स और इससे जुड़ी 38 फर्मों पर एनडीपीएस और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज हैं।
महेश सिंह पर भी 25 हजार का इनाम
रोहनिया के भदवर क्षेत्र में बने जिम के नीचे स्थित गोदाम से 19 नवंबर को बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ था। इस केस में मालिक महेश सिंह को भी 25 हजार का इनामी घोषित किया गया है। एसटीएफ इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें जौनपुर निवासी अमित सिंह टाटा और आलोक प्रताप सिंह शामिल हैं।
30 हजार शीशियां जब्त, 60 लाख का माल बरामद
9 दिसंबर को एसआईटी ने शुभम के करीबी और पार्टनर मनोज कुमार यादव के सूजाबाद स्थित बड़े गोदाम पर छापेमारी की। वहां से करीब 30,000 कफ सिरप की शीशियां बरामद की गईं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। इसके अलावा आजाद जायसवाल की एक गाड़ी भी जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया।
FSDA की बड़ी कार्रवाई
FSDA ने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर कड़े कदम उठाए हैं। कई शेल फर्मों के लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सिर्फ वाराणसी में ही 26 फर्मों पर 15 नवंबर को केस दर्ज हुआ था, उसके बाद 12 और फर्मों पर एफआईआर की गई। पूरे पूर्वांचल में अब तक लगभग 128 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
ED की एंट्री, 500 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच
नवंबर 2025 में ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया। कोडीन सिरप सिंडिकेट का आर्थिक नेटवर्क 500 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। हवाला, शेल कंपनियों और फर्जी लेन-देन की जांच यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल और झारखंड तक फैली है। वाराणसी में ही ED की 15 सदस्यीय टीम सक्रिय है और बड़े वित्तीय घपलों के सुराग जुटा रही है।










