अंगीठी का धुआं बना परिवार के लिए काल, तीन मासूमों समेत नानी की दम घुटने से मौत

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छपरा में ठंड से बचाव के लिए जलाई गई अंगीठी एक पूरे परिवार के लिए काल बन गई। बंद कमरे में अंगीठी का धुआं भरने से दम घुट गया और तीन मासूम बच्चों समेत उनकी नानी की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

हादसे में जान गंवाने वालों में 3 साल के तेजस, 4 साल की अध्याय, 7 महीने की गुड़िया और 70 वर्षीय कमलावती देवी शामिल हैं। तेजस और अध्याय सगे भाई-बहन थे, जबकि गुड़िया उनकी मौसेरी बहन थी। कमलावती देवी तीनों बच्चों की नानी थीं। वहीं चार अन्य लोग गंभीर हालत में पटना के रुबन हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

बच्चों को छोड़कर लौटे थे पिता

वाराणसी में तैनात पीसीएस अधिकारी विजय सिंह, जो जिला सहकारी पदाधिकारी हैं, अपने बच्चों तेजस और अध्याय को तीन दिन पहले ही नानी के घर छोड़कर वापस लौटे थे। अस्पताल में बच्चों के शव देखकर वह फफक-फफक कर रो पड़े। उनका दर्द छलक पड़ा- अंगीठी का धुआं बना परिवार के लिए काल, तीन मासूमों समेत नानी की दम घुटने से मौत जब जा रहा था तो बेटा बोला था पापा, मुझे चिप्स खाना है। मैंने कहा था लौटते वक्त चिप्स लेकर आऊंगा, लेकिन आज अपने बच्चे को चिप्स भी नहीं खिला सका। बच्चों की स्कूल ड्रेस की तैयारी कर रहा था, आज कफन उठाना पड़ रहा है।”

उनका यह दर्द सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

कैसे हुआ हादसा

परिजनों के मुताबिक, बच्चों को हल्का बुखार और ठंड लग रही थी। डॉक्टर की सलाह पर रात में ठंड से बचाव के लिए कमरे में अंगीठी जलाई गई, जिसमें गोबर के उपले और धान का भूसा डाला गया ताकि आग देर तक जलती रहे। परिवार के कई सदस्य उसी बड़े, पूरी तरह बंद हॉल में सो गए।

सुबह देर तक जब कोई नहीं उठा तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोला गया तो पूरा कमरा धुएं से भरा था। कई लोग बेहोश पड़े थे। पड़ोसियों की मदद से सभी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी।

इलाज जारी, स्थिति नाजुक

गंभीर रूप से घायल अमीषा देवी, अंजलि देवी, अमित कुमार और अमृता देवी को पहले छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी वेंटिलेटर पर हैं और हालत चिंताजनक बनी हुई है।

कमलावती देवी का पोस्टमार्टम छपरा सदर अस्पताल में कराया गया। वहीं परिजनों ने तीनों मासूम बच्चों का पोस्टमार्टम नहीं कराया और शनिवार शाम उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। नानी का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा।

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Author: News Rastra

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