सावित्रीबाई फुले की जयंती पर वाराणसी में आप कार्यकर्ताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि, शिक्षा और बराबरी के संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान

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देश की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर शनिवार को आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेशभर में श्रद्धांजलि सभा और विचार संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में वाराणसी जिले के लहुराबीर स्थित आज़ाद पार्क के शहीद स्थल पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनकी सोच और सामाजिक बराबरी के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर समाज को बदलने का ऐतिहासिक काम किया। उनका जीवन आज भी महिलाओं, दलितों और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने की प्रेरणा देता है।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष विनोद जायसवाल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज का बड़ा हिस्सा महिलाओं के पढ़ने-लिखने का विरोधी था। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम है और आज के दौर में भी फुले जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल्लाह खान ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति की, बल्कि जाति और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ भी निर्भीक संघर्ष किया। उन्होंने सरकारों से अपील की कि केवल जयंती मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े उनके विचारों को नीतियों में उतारा जाए। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी दलित, पिछड़े, आदिवासी और वंचित वर्गों के सामाजिक न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और आगे भी सड़क से सदन तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) एजाज अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत साहस से होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गरीबों और वंचितों को समान अवसर देना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज जब शिक्षा महंगी और असमान होती जा रही है, तब फुले जी के विचार समान और सुलभ शिक्षा व्यवस्था की दिशा दिखाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने आह्वान किया कि सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और शिक्षा व सामाजिक समानता के उनके संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए। इस अवसर पर जिले के सभी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमोद श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, निलेश सिंह, अभिषेक सिंह, मोहम्मद आकिब खान और आनंद तिवारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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Author: News Rastra

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