वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 68वें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ

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वाराणसी। आल इंडिया इंग्लिश टीचर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी स्थित गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित त्रिदिवसीय 68वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ शनिवार को प्रथम दिवस विधिवत दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी प्रो. विकास शर्मा, चेयरमैन प्रो. शिव कुमार यादव, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी और लोकल सेक्रेटरी प्रो. निशा सिंह सहित अन्य गणमान्य शिक्षाविदों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के अंग्रेजी एवं संस्कृति विभाग की छात्राओं द्वारा कुलगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में मां सरस्वती के तैलचित्र पर अतिथियों ने पुष्प अर्पित किए और छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. धीरेंद्र कुमार पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रस्तुत मंगलाचरण ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।

मंचासीन होने के बाद एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. शिव कुमार यादव ने स्वागत संबोधन किया। जनरल सेक्रेटरी प्रो. विकास शर्मा ने एसोसिएशन की गतिविधियों और अंग्रेजी शिक्षकों की गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर परिचयात्मक वक्तव्य दिया। लोकल सेक्रेटरी एवं अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. निशा सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अधिवेशन की रूपरेखा और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर रॉक पेबल्स, साइबर लिटरेचर तथा एसोसिएशन जर्नल का अतिथियों द्वारा विधिवत पुस्तक लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से प्रो. सुशीला सिंह, डॉ. उर्मिला, प्रो. ज्ञान सिंह गौतम और डॉ. ए.के. धवन सहित कई वरिष्ठ विद्वानों को सम्मानित किया गया।

मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. प्रतनीक बनर्जी, प्रो. वाणीव्रत महंता और प्रो. जे.के. वर्मा ने अपने विचार साझा किए। अधिवेशन के प्रधान वक्ता प्रो. मकरंद परांजपे ने अध्यक्षीय भाषण में मानविकी विषयों के महत्व और उनकी समकालीन प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया।

अधिवेशन के संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने अपने आशीर्वचनों में राष्ट्रीय अधिवेशन की सराहना करते हुए इंटेलिजेंस और शिक्षा के आपसी संबंधों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में शोध छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती विश्वकर्मा, डॉ. आराधना सिंह और डॉ. किरण सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

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Author: News Rastra

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