वाराणसी। दालमंडी गली चौड़ीकरण परियोजना अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती दौर में विरोध के स्वर सुनाई दिए थे, लेकिन अब स्थानीय लोग विकास कार्य के समर्थन में सामने आ रहे हैं और स्वेच्छा से रजिस्ट्री व पुनर्वास से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू की गई।
दालमंडी चौड़ीकरण में अहम भूमिका निभा रहे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि अब तक 24 मकानों की रजिस्ट्री पूरी कर ली गई है। विभाग का लक्ष्य है कि 10 फरवरी तक शेष सभी मकानों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।
केके सिंह के अनुसार, चौड़ीकरण का काम फिलहाल सुचारू रूप से चल रहा है। जहां कहीं भी किसी तरह की समस्या सामने आ रही है, उसका समाधान मौके पर ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर इस समय कोई बड़ी बाधा नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन इस परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहे हैं। नवंबर 2025 में ध्वस्तीकरण की शुरुआत हुई थी, जिसे दिसंबर में कुछ समय के लिए रोका गया था। इसके बाद 7 जनवरी को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा कार्रवाई शुरू की गई।
अब तक इस अभियान के तहत कई मकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मकान संख्या सीके 43/113 को सातवें मकान के रूप में ध्वस्त किया गया, जबकि 10 जनवरी को सीके 39/5 पर कार्रवाई हुई। 12 जनवरी को पहली बार दालमंडी क्षेत्र में बुलडोजर चला, जिसमें नई सड़क की ओर स्थित मकान सी 1/27 और अंदरूनी इलाके के सीके 67/27 को गिराया गया। मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित मकान संख्या सीके 43/175 पर भी ध्वस्तीकरण किया गया।
प्रशासन के मुताबिक, मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए 14 और 15 जनवरी को कार्रवाई स्थगित रहने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और पुराने शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।










