भुवनेश्वर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दो दिवसीय दौरे पर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे हैं। शनिवार को उन्होंने सपा के ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम में भाग लिया, जहां ‘होलिस्टिक हेल्थ’ यानी समग्र स्वास्थ्य के विषय पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की शुरुआत अखिलेश यादव के स्वागत और पुष्पगुच्छ भेंट के साथ हुई। इस अवसर पर घोसी से सपा सांसद राजीव राय और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य तभी संभव है, जब तन, मन और वातावरण तीनों संतुलित और स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि आज देश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है और उत्तर प्रदेश में हालात और भी चिंताजनक हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं खुद ही इमरजेंसी में नजर आती हैं।
उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी और सीएचसी) में स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि औद्योगिक कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जो खेतों के जरिए आम लोगों तक पहुंचकर बीमारियों की वजह बन रहा है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज के दौर में यह एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि हम किन व्हाट्सएप ग्रुप्स से जुड़े हैं, इसका भी मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। लोगों को अकेलेपन से बचना चाहिए, परिवार और समाज के साथ जुड़े रहना चाहिए। अगर मानसिक परेशानी हो तो बिना झिझक डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष पद्धतियों को भी अपनाने की वकालत की।
इससे पहले शुक्रवार को अखिलेश यादव ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से शिष्टाचार मुलाकात की और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में भाजपा की नीतियों को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी समाज के हर वर्ग को जोड़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, हम विजन की राजनीति करते हैं, डिवीजन की नहीं। सबको साथ लेकर चलना ही हमारी सोच है।”
उन्होंने यह भी बताया कि बीते एक साल में यह उनका ओडिशा का तीसरा दौरा है, जो राज्य में समाजवादी पार्टी के बढ़ते आधार और सक्रियता को दर्शाता है। अखिलेश यादव ने कहा कि वे ओडिशा में पीडीए—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक को जोड़ने का उद्देश्य लेकर आए हैं।










