मिर्जापुर। धर्मांतरण से जुड़े मामलों में वांछित चल रहे मुख्य अभियुक्त को मीरजापुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। थाना कोतवाली देहात और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में दबोचा। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली देहात पर धर्मांतरण से संबंधित दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर के निर्देश पर चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। अब तक इस मामले में दो जिम मालिक और दो जिम ट्रेनरों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि धर्मांतरण मामले का मुख्य वांछित अभियुक्त फरीद अहमद खड़ंजाफाल क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई।
मुठभेड़ में घायल अभियुक्त फरीद अहमद पुत्र अशरफ अली, निवासी पक्की सराय घंटाघर, थाना कोतवाली शहर, जनपद मीरजापुर (उम्र करीब 28 वर्ष) को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मुठभेड़, गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में थाना कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक अमित मिश्रा तथा एसओजी/सर्विलांस प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ शामिल रहे।










