मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राया थाना क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच यात्रियों ने खिड़की और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 5:15 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 110 के पास हुआ। स्लीपर बस बांदा से दिल्ली जा रही थी, जिसमें कुल 40 यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेस-वे की टीम मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
टायर फटने से लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। हादसे में यात्रियों का सारा सामान जलकर राख हो गया।
बताया गया कि बस (UP 90 AT 8837) बांदा में राज कल्पना, संस्कार ट्रैवल्स के नाम से पंजीकृत है। बस में 20 पुरुष, 10 महिलाएं और 10 बच्चे सवार थे।
तेज धमाके से खुली यात्रियों की नींद
राया थाना प्रभारी रवि भूषण शर्मा ने बताया कि यात्रियों के अनुसार बस बुधवार शाम बांदा से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बस में दो ड्राइवर और एक कंडक्टर मौजूद थे। तड़के करीब पांच बजे तेज धमाके की आवाज से यात्रियों की नींद खुली। जब उन्होंने देखा तो बस के अंदर धुआं भर चुका था।
ड्राइवर ने धुआं निकलते देख बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और कंडक्टर के साथ नीचे उतर गया। कुछ ही देर में बस के पिछले हिस्से से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर यात्रियों को बस में छोड़कर मौके से भाग गए।
यात्रियों ने खुद बचाई जान
जब ड्राइवर और कंडक्टर वापस नहीं लौटे तो एक यात्री ने ड्राइवर सीट का दरवाजा खोलकर नीचे उतरकर हालात देखे। बस धू-धू कर जल रही थी। इसके बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई और सभी ने किसी तरह बस से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को चपेट में ले लिया।
राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
गौरतलब है कि 16 दिसंबर को भी यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के कारण एक भीषण हादसा हुआ था। बलदेव थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 127 पर 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गई थीं, जिसके बाद वाहनों में आग लग गई थी। उस हादसे में 13 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी और 70 से अधिक लोग घायल हुए थे। हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई गई थी।
ताजा घटना के बाद एक बार फिर यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और बसों की तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।










