नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में गुरुवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और बाजार सूत्रों के अनुसार सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई है। सबसे बड़ी गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो करीब 5 फीसदी यानी लगभग ₹15,000 प्रति किलो सस्ती हो गई।
चांदी में 15 हजार रुपये की बड़ी गिरावट
चांदी गुरुवार सुबह ₹3,03,584 प्रति किलो के स्तर पर खुली, जबकि एक दिन पहले यह ₹3,19,097 प्रति किलो पर बंद हुई थी। खास बात यह है कि गिरावट से पहले चांदी ने कारोबार के दौरान ₹3,20,075 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था। इसके बाद मुनाफावसूली के चलते कीमतों में तेज गिरावट आ गई।
सोने की कीमत भी लुढ़की
सोने में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को सोना ₹2,728 टूटकर ₹1,51,499 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे एक दिन पहले सोने ने ₹1,55,204 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर बनाया था और ₹1,54,277 पर बंद हुआ था।
वहीं MCX पर भी प्रॉफिट बुकिंग का असर साफ दिखा, जहां सोना ₹3,000 से ज्यादा और चांदी ₹7,000 से अधिक टूट चुकी है।
सोना-चांदी सस्ते होने की 3 बड़ी वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कीमतों में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—
हाल के दिनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों द्वारा जोरदार मुनाफावसूली।
शेयर बाजार में मजबूती आने से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की मांग में कमी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी, जिससे सेफ हेवन डिमांड घटी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी, जिससे सेफ हेवन डिमांड घटी।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक नई खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उन्हें फिलहाल थोड़ा इंतजार करना चाहिए। बाजार में अभी मुनाफावसूली का दौर जारी है, ऐसे में कीमतों में और गिरावट संभव है। वहीं, जिन निवेशकों ने ऊंचे दाम पर चांदी खरीदी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। लंबी अवधि के लिहाज से सोना-चांदी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत बताए जा रहे हैं।
2025 में दिखा था जबरदस्त उछाल
गौरतलब है कि साल 2025 में सोना और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक तेजी दिखाई थी। आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना साल 2025 में करीब 75 फीसदी महंगा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को जहां सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, वहीं 31 दिसंबर 2025 तक यह ₹1,33,195 तक पहुंच गया।
चांदी में इससे भी ज्यादा उछाल देखने को मिला। 2024 के अंत में ₹86,017 प्रति किलो रहने वाली चांदी 2025 के अंत तक ₹2,30,420 प्रति किलो पहुंच गई थी, यानी करीब 167 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
अब बाजार की नजरें आगे के रुझानों पर टिकी हैं कि गिरावट यहीं थमती है या कीमतें और नीचे जाती हैं।










