नई दिल्ली। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल 2026 को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुलकर अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर इस बिल का समर्थन किया।
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन द्वारा लाया गया “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” गरीब, दलित, पिछड़े और अतिपिछड़े समाज के छात्रों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने की दिशा में बेहद अहम साबित होगा।
उन्होंने आगे कहा कि नियमों के तहत हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में इक्विटी कमेटी गठित करने का लक्ष्य तय किया गया है, जो एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका समाधान करेगी। यह व्यवस्था उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करेगी।
तेज प्रताप यादव ने लिखा कि यह कानून विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को बराबरी का अधिकार देता है और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती प्रदान करता है।
यूजीसी बिल का समर्थन करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल इस कानून का स्वागत करती है और इसका पूरी तरह समर्थन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस कानून को सनातन से जोड़कर देख रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन परंपरा का ही हिस्सा है और वे सभी हमारे अपने भाई-बहन हैं।
तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद यूजीसी बिल 2026 को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। जहां एक तरफ इसका विरोध जारी है, वहीं दूसरी ओर कई नेता इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं।










