वाराणसी। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बैंक ग्राहक को झांसे में लेकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का मोबाइल एप डाउनलोड कराने के बहाने ठगों ने भेलूपुर थाना क्षेत्र के विरदोपुर (महमूरगंज) निवासी विक्रम प्रसाद के खाते से 17 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित की शिकायत पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
कैसे शुरू हुई ठगी की पूरी कहानी
पीड़ित विक्रम प्रसाद के अनुसार, 24 जनवरी को वे अपने यूनियन बैंक खाते के संचालन के लिए बैंक का आधिकारिक मोबाइल एप यूनियन इजी’ डाउनलोड करने की कोशिश कर रहे थे। बार-बार प्रयास के बावजूद एप डाउनलोड नहीं हो पाया।
इस दौरान उन्होंने इंटरनेट पर यूनियन बैंक का कस्टमर केयर नंबर तलाशा और उस नंबर पर मिस्ड कॉल कर दिया।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठगों ने किया संपर्क
कुछ ही देर बाद उसी नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को यूनियन बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताते हुए समस्या पूछी। भरोसा जीतने के बाद उसने वीडियो कॉल के माध्यम से खाते से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल कर लीं।
तीन दिनों में खाली हो गया खाता
जानकारी मिलने के बाद साइबर ठगों ने यूनियन बैंक की रथयात्रा शाखा से जुड़े खाते को निशाना बनाया।
26 से 28 जनवरी के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से कुल 17 लाख रुपये निकाल लिए गए।
खाते से पैसे उड़ते ही मचा हड़कंप
जब पीड़ित को खाते से भारी रकम निकलने की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत बैंक अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।










