वाराणसी: कोडीनयुक्त कफ सिरप की अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े एक बड़े और संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। कोतवाली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई में 25-25 हजार रुपये के तीन इनामिया अपराधियों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 25 लाख बोतल कफ सिरप की तस्करी कर लगभग 40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।
फर्जी जीएसटी और ई-वे बिल से चल रहा था खेल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी झारखंड की एक फर्म के नाम पर फर्जी और कूटरचित जीएसटी इनवॉइस व ई-वे बिल तैयार कर न्यू फेंसाडिल कफ सिरप की बड़ी खेप मंगवाते थे। कागजों में दवा का वैध कारोबार दिखाया जाता था, जबकि हकीकत में सिरप को नशे के लिए अवैध बाजार में खपाया जाता था। मेडिकल फर्मों के जरिए खरीद-बिक्री दर्शाकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
केबीएन प्लाजा में बनती थी तस्करी की रणनीति
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पूरे नेटवर्क की प्लानिंग वाराणसी स्थित केबीएन प्लाजा में होने वाली बैठकों में तय की जाती थी। यहीं पर यह फैसला होता था कि पैसा किस तरह नकद और बैंक खातों के जरिए घुमाया जाएगा, किस फर्म को कितना भुगतान देना है और जांच एजेंसियों से कैसे बचना है।
हवाला और आरटीजीएस से घुमाई जाती थी रकम
आरोपियों ने कबूल किया कि फर्मों के खातों में नकद और आरटीजीएस के माध्यम से पैसा डलवाया जाता था। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अंततः मुख्य सरगना तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे लेनदेन में हवाला नेटवर्क की भी अहम भूमिका थी। पुलिस का दावा है कि तस्करी से करीब 40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिसमें से लगभग 8 करोड़ रुपये का सीधा मुनाफा गिरोह को मिला।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क वाराणसी तक सीमित नहीं था, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा तक फैला हुआ था। इन राज्यों में कुछ खेपें पकड़ी भी गई थीं। नोटिस मिलने पर आरोपी फर्जी ई-वे बिल बनाकर जवाब भेज देते थे, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
मिर्जापुर से दबोचे गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे थे। मुखबिर की सूचना पर एसआईटी टीम ने मिर्जापुर बाईपास स्थित भोरसर लिंक रोड पर दबिश देकर सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 25-25 हजार रुपये के इनामिया अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल और अंकुश सिंह शामिल हैं। इनके अलावा अभिनव कुमार यादव और घनश्याम मौर्य को भी हिरासत में लिया गया है।
विदेशी मुद्रा और आईफोन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 46 विदेशी मुद्रा नोट और एक आईफोन बरामद किया है। इनसे जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
नशे के नेटवर्क पर और कसेगा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कफ सिरप समेत अन्य नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।










