Aadhaar में जन्मतिथि बदलने के नियम हुए सख्त, जानिए नया Rule, जरूरी दस्तावेज और पूरा प्रोसेस

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लखनऊ। आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवाने को लेकर अब कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। अब अलग या नया जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर आधार में उम्र बदलवाना आसान नहीं होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि नौकरी, खेलकूद या अन्य लाभ लेने के लिए उम्र में हेरफेर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।

यूआईडीएआई के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह के अनुसार, अब जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज बर्थ रजिस्ट्रेशन नंबर (Birth Registration Number) आधार में जन्मतिथि अपडेट के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी जन्मतिथि में संशोधन कराना है, तो उसे पहले मूल जन्म प्रमाणपत्र में ही बदलाव कराना होगा। अलग या नई पंजीकरण संख्या वाले प्रमाणपत्र को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


पहले कैसे होता था बदलाव?

अब तक कई लोग पुराना जन्म प्रमाणपत्र रद्द करवाकर नया प्रमाणपत्र बनवा लेते थे और उसी के आधार पर आधार में जन्मतिथि बदलवा लेते थे। लेकिन नए नियमों के तहत सिर्फ वही प्रमाणपत्र मान्य होगा, जिसमें पुरानी जन्म पंजीकरण संख्या दर्ज हो। यानी जब तक मूल दस्तावेज में सुधार नहीं होगा, आधार में भी बदलाव संभव नहीं होगा।


80% लोग जन्मतिथि अपडेट के लिए पहुंचते हैं

आधार सेवा केंद्रों पर आने वाले अधिकांश लोग जन्मतिथि में बदलाव के लिए ही पहुंचते हैं। आंकड़ों के मुताबिक करीब 80 प्रतिशत अपडेट इसी कारण से होते हैं। पहले से नियम था कि आधार में जन्मतिथि केवल एक बार स्वयं संशोधित कराई जा सकती है, लेकिन कुछ लोग नए प्रमाणपत्र के जरिए नियमों को दरकिनार कर देते थे।


गलत प्रथाओं पर लगेगी रोक

अक्सर नौकरी में अधिक अवसर पाने, खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने या परीक्षा से जुड़े लाभ लेने के लिए लोग उम्र में बदलाव कराते थे। नए प्रावधान लागू होने से ऐसे मामलों पर सख्ती होगी और आधार डेटा की विश्वसनीयता बनी रहेगी।

यूआईडीएआई का कहना है कि इन कदमों से आधार प्रणाली और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।

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Author: News Rastra

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