सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला, 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान

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वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था पहले से पूरी तरह अलग है और अब भारत अमेरिका को टैरिफ देगा, जबकि अमेरिका भारत पर कोई शुल्क नहीं लगाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा, “कुछ भी नहीं बदला है। वे टैरिफ देंगे और हम नहीं देंगे।” उन्होंने दावा किया कि पहले की स्थिति में अमेरिका को नुकसान हो रहा था, लेकिन अब समझौते की दिशा पलट दी गई है।

ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi की व्यक्तिगत रूप से तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि मोदी एक शानदार और सक्षम नेता हैं, लेकिन पहले की व्यवस्था में भारत अमेरिका से ज्यादा फायदे में था। हालांकि ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अब की डील “फेयर” यानी संतुलित है।


IEEPA पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इसी बीच, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार है।

मुख्य न्यायाधीश John Roberts ने एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि टैरिफ जैसे बड़े कदम उठाने के लिए कांग्रेस की अनुमति जरूरी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर सकते।”

कोर्ट का मानना है कि IEEPA के तहत एकतरफा टैरिफ लागू करना कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में दखल हो सकता है और यह संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन माना जा सकता है।


राज्यों और कारोबारियों की आपत्ति

यह फैसला उन कानूनी याचिकाओं के बाद आया है, जो टैरिफ से प्रभावित कंपनियों और 12 अमेरिकी राज्यों ने दायर की थीं। इनमें अधिकांश राज्य डेमोक्रेटिक पार्टी के शासन वाले हैं।

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि राष्ट्रपति ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना टैरिफ लागू किए, जो कानून और संविधान के विपरीत है।

इस घटनाक्रम के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के साथ-साथ अमेरिका के भीतर कार्यपालिका और विधायिका के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है।

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Author: News Rastra

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