अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शनिवार को बाजार बंद होने तक सोना और चांदी दोनों की कीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आज सोना-चांदी का ताजा भाव
भारतीय बाजार और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में ही कीमतों में दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड करीब 5050 डॉलर प्रति औंस के स्तर को बचाने के लिए संघर्ष करता नजर आया, जबकि स्पॉट सिल्वर में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 80.5 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया।
भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम इस प्रकार रहे:
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दिल्ली: ₹1,60,840 प्रति 10 ग्राम
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मुंबई: ₹1,60,690 प्रति 10 ग्राम
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चेन्नई: ₹1,62,560 प्रति 10 ग्राम
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कोलकाता: ₹1,60,690 प्रति 10 ग्राम
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इसके पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं।
1. डॉलर इंडेक्स में मजबूती
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने नकदी के लिए डॉलर को सुरक्षित विकल्प माना है। डॉलर के मजबूत होने से आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।
2. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है।
3. बड़े निवेशकों की बिकवाली
अन्य बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए बड़े निवेशक सोने में अपनी हिस्सेदारी घटाकर नकदी जुटा रहे हैं। इस प्रक्रिया को प्रॉफिट बुकिंग या मार्जिन कॉल्स कहा जाता है, जिससे बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।
क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई 2 से 5 प्रतिशत की गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों के कारण बाजार अभी भी अस्थिर बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय किश्तों में निवेश (SIP मोड) अपनाएं।
कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट उन लोगों के लिए मौका बन सकती है जो लंबे समय के लिए सोने-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बाजार की चाल पर नजर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।










