नई दिल्ली। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते देशभर में लॉकडाउन की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लॉकडाउन को लेकर चल रही अटकलें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
देश में ईंधन की कोई कमी नहीं
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है।
साथ ही, भारत अब 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र में संकट का असर काफी हद तक कम हो जाता है।
हालांकि, इन आश्वासनों के बावजूद कई जगहों पर पैनिक बाइंग देखने को मिल रही है और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।
तेल कंपनियां भी अलर्ट मोड में
तेल कंपनियों ने भी आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को पहले से अधिक क्रेडिट दिया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में ईंधन की कमी न हो।
सरकार का कहना है कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यातक भी है, इसलिए फिलहाल ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ जैसी स्थिति नहीं है।
LPG कीमतों पर क्या होगा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1 अप्रैल से LPG सिलेंडर की कीमतों में क्या बदलाव होगा।
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है।
दाम बढ़ने की संभावना ज्यादा
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं।
ऐसे में 1 अप्रैल 2026 से LPG, CNG और PNG की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
मार्च 2026 में ही घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 853 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1768.50 रुपये तक पहुंच चुका है।










