पटना: बिहार की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। उनके साथ विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
राजधानी पटना में आयोजित यह शपथ ग्रहण समारोह सादगीपूर्ण रहा, लेकिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने तीनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर जेपी नड्डा समेत बीजेपी और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
NDA में दिखी एकजुटता
नई सरकार के गठन के साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर अपनी एकजुटता का संदेश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा, जिसमें सहयोगी दलों को भी जगह मिल सकती है।
संभावना जताई जा रही है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
आगे की रणनीति पर नजर
नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी नजरें मई में होने वाले कैबिनेट विस्तार पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसमें सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिल सके
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी इस नई सरकार से राज्य में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर कानून व्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में तेज़ी से काम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार की सियासत में यह बदलाव आने वाले दिनों में नए समीकरण और नई दिशा तय कर सकता है।








