पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं की चर्चा तेज हो गई है, जिन्होंने संगठन को मजबूत करने से लेकर चुनावी जीत तक में अहम भूमिका निभाई। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार में जिन पांच चेहरों को जगह मिली है, वे लंबे समय से पार्टी के लिए जमीन पर काम कर रहे थे। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक जैसे नाम शामिल हैं।
इन नेताओं में किसी की पहचान मजबूत संगठनकर्ता के रूप में है तो किसी ने अपने सामाजिक प्रभाव और चुनावी रणनीति से BJP को नई ताकत दी है। आइए जानते हैं इन पांच नेताओं के राजनीतिक सफर और उनकी नई जिम्मेदारियों के बारे में।
RSS से राजनीति तक पहुंचे दिलीप घोष
Dilip Ghosh पश्चिम Bengal BJP के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 1 अगस्त 1964 को हुआ था। वे मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं और 2019 से जून 2024 तक लोकसभा में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
संसद में रहते हुए उन्होंने गृह मामलों की स्थायी समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुमान समिति जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा वे कौशल विकास मंत्रालय की सलाहकार समिति का भी हिस्सा रहे।
दिलीप घोष 2016 से 2019 तक खड़गपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे। संगठन में उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। वे 2020 से 2023 तक पश्चिम बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। राजनीति में आने से पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और अंडमान-निकोबार में संघ के प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई।
फैशन डिजाइनर से BJP की फायरब्रांड नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल
Agnimitra Paul बंगाल BJP की चर्चित महिला नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 25 नवंबर 1974 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे कोलकाता की जानी-मानी फैशन डिजाइनर थीं।
उन्होंने 2019 में BJP जॉइन की और बेहद कम समय में पार्टी में अपनी अलग पहचान बना ली। 2021 और 2026 में उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। 2021 के चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सायोनी घोष को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
अग्निमित्रा पॉल BJP महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। बाद में पार्टी ने उन्हें महासचिव और फिर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि उन्होंने आसनसोल लोकसभा उपचुनाव और मेदिनीपुर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
अशोक कीर्तनिया ने बांगांव उत्तर में दर्ज की बड़ी जीत
Ashok Kirtania बांगांव उत्तर सीट से BJP विधायक हैं। वे पहली बार 2021 में विधानसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामल रॉय को हराया था।
2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए 1.19 लाख से ज्यादा वोट हासिल किए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 40 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। अशोक कीर्तनिया की पहचान जमीनी स्तर पर मजबूत संगठनकर्ता के रूप में होती है।
आदिवासी समाज में BJP का बड़ा चेहरा हैं खुदीराम टुडु
Khudiram Tudu रानीबांध (एसटी) सीट से विधायक हैं और संथाल आदिवासी समाज से आते हैं। 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार तनुश्री हांसदा को बड़े अंतर से हराया।
उनकी जीत को आदिवासी इलाकों में BJP की बढ़ती पकड़ का बड़ा संकेत माना गया। पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी दी है।
उत्तर बंगाल में BJP का मजबूत चेहरा बने निशीथ प्रमाणिक
Nisith Pramanik उत्तर बंगाल में BJP के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे राजवंशी समाज से आते हैं और क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं।
वे केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मोदी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्रियों में भी उनका नाम शामिल रहा है।
निशीथ प्रमाणिक कूचबिहार से सांसद और दिनहाटा से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से की थी, लेकिन 2019 में BJP में शामिल हो गए। 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने माथाभांगा सीट से बड़ी जीत दर्ज कर उत्तर बंगाल में BJP की ताकत को और मजबूत किया।
बंगाल BJP की नई रणनीति के केंद्र में ये चेहरे
पश्चिम बंगाल में BJP की बढ़ती ताकत के पीछे इन नेताओं की संगठन क्षमता, सामाजिक पकड़ और चुनावी रणनीति को बड़ी वजह माना जा रहा है। कोई आदिवासी समाज में पार्टी की पकड़ मजबूत कर रहा है तो कोई महिला वोट बैंक और उत्तर बंगाल में BJP का विस्तार करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में इन नेताओं की भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है।










