NEET-UG 2026 विवाद पर सियासत तेज: तीन छात्रों की मौत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी

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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब शिक्षा व्यवस्था से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। परीक्षा में कथित धांधली और इसके बाद सामने आए तीन छात्रों की आत्महत्या के मामलों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को घेर रहा है।

Priyanka Chaturvedi ने नेता विपक्ष Rahul Gandhi के बयान का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब तक तीन छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं और यह सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “ये भारत सरकार द्वारा की गई हत्याएं हैं। जब तक शिक्षा मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।” उन्होंने पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी नाकामी बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला?

देशभर में 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद आरोप लगे कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे। शिकायतों के अनुसार, “गेस पेपर” के नाम पर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र बेचे गए।

जांच में यह भी सामने आया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के लगभग 180 प्रश्न वही थे, जो असली परीक्षा में पूछे गए। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया तथा कई राज्यों में छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।

परीक्षा रद्द, अब 21 जून को दोबारा एग्जाम

विवाद बढ़ने के बाद National Testing Agency ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी गई है। जांच के दौरान सीबीआई ने पुणे के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस कथित रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। राजस्थान के सीकर और जयपुर, महाराष्ट्र के नासिक और हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई शहरों में इसकी गतिविधियों के सुराग मिले हैं।

आरोप है कि प्रश्नपत्र को पहले हाथ से लिखा गया, फिर स्कैन कर डिजिटल माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया। मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार जारी है।

छात्रों की मौत के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव

पेपर लीक विवाद के बाद विभिन्न राज्यों में तीन छात्रों की आत्महत्या की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। विपक्षी दल इसे छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बता रहे हैं। साथ ही Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है।

फिलहाल इस मामले को लेकर देशभर में बहस जारी है और छात्र संगठनों से लेकर राजनीतिक दल तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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Author: News Rastra

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