अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार जांच के सातवें दिन एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अब तक की जांच की प्रगति और सामने आए तथ्यों से उन्हें अवगत कराया।
जानकारी के मुताबिक एसआईटी की टीम पिछले छह दिनों से अयोध्या में डेरा डाले हुए थी। इस दौरान टीम ने मंदिर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, लेखा-जोखा, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर तथ्यों को खंगालने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत तथा आईजी रेंज किरण एस. सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए कई अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। हालांकि रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि और सत्यापन के बाद ही आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा करना चाहती हैं।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एसआईटी को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां हाथ लगी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रिपोर्ट को फिलहाल गोपनीय रखा गया है।
राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर पूरी की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









