I Love Mohammad Controversy : उत्तर प्रदेश में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए राज्यभर में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। खासतौर पर जुमे की नमाज के मद्देनज़र मस्जिदों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके।
कड़ा पहरा और ड्रोन से निगरानी
कानपुर, बदायूं, लखनऊ, आगरा और बरेली जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। भीड़भाड़ वाले इलाकों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है। बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।
बरेली में बिगड़े हालात
सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बावजूद बरेली में जुमे की नमाज के बाद हालात बेकाबू हो गए। बड़ी संख्या में लोग पोस्टर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे। भीड़ के खलील स्कूल चौक और इस्लामिया ग्राउंड की ओर बढ़ने पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इस दौरान पथराव की भी खबर सामने आई।
पश्चिमी यूपी में सख्त निगरानी
मेरठ जोन में स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एडीजी भानु भास्कर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी तेज कर दी गई है, जिलों की सीमाओं पर कड़ी चेकिंग चल रही है और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है।
मौलाना तौकीर का बयान बढ़ा तनाव
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर ने पहले युवाओं को लेकर पैदल मार्च और प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि बाद में उनकी पार्टी की ओर से प्रदर्शन स्थगित करने का लेटर जारी किया गया। लेकिन शुक्रवार सुबह मौलाना ने उस लेटर को फर्जी बताते हुए नया बयान दे दिया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
कहां से शुरू हुआ विवाद?
इस विवाद की शुरुआत कानपुर के रावतपुर इलाके के सैय्यद नगर मोहल्ले से हुई थी। सितंबर के पहले हफ्ते में बारावफात की सजावट के दौरान एक बोर्ड लगाया गया था, जिस पर लिखा था “I Love Mohammad”। विवाद बोर्ड के मैसेज पर नहीं, बल्कि उसकी जगह को लेकर हुआ। वह बोर्ड सड़क पर लगाया गया था, जिससे रास्ता ब्लॉक हो रहा था। पुलिस ने दखल देकर उसे हटवाया और कार्यक्रम स्थल के पास लगवाया, जिसके बाद से मामला तूल पकड़ गया।










