इश्क, मुश्क, खांसी छुपाया नहीं जा सकता…‘I love Mohammad’ पर बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

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पटना। हिंदुत्व और सनातन विचारधारा को केंद्र में रखकर राजनीति करने वाली बीजेपी के बाद अब भारतीय राजनीति में एक और बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। हाल ही में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इस घोषणा के बाद से राज्य की सियासत में धार्मिक रंग चढ़ना शुरू हो गया है।

‘आई लव मोहम्मद सिर्फ दिखावा’

डेहरी में गौ रक्षा संकल्प यात्रा के दौरान मीडिया से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘आई लव मोहम्मद’ ट्रेंड पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सच्चा प्यार कभी ढिंढोरा नहीं पीटता, यह तो निगाहों से बयां हो जाता है। इश्क, मुश्क, खांसी और प्रीति को छुपाया नहीं जा सकता, यह सब अपने आप सामने आ जाते हैं।” उन्होंने इसे केवल दिखावटी ट्रेंड करार दिया और कहा कि असली प्रेम का प्रदर्शन सोशल मीडिया या बैनरों से नहीं होता।

नीतीश कुमार को दी राजनीति से संन्यास लेने की सलाह

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने 20 साल तक बिहार को अच्छा नेतृत्व दिया है, लेकिन अब वे बुजुर्ग हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर युवाओं को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।

‘आई लव मोहम्मद’ विवाद की पृष्ठभूमि

दरअसल, यह पूरा विवाद कानपुर के रावतपुर इलाके से शुरू हुआ था। सितंबर की शुरुआत में बाराफत के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवकों ने “आई लव मोहम्मद” लिखे बैनर और पोस्टर लगाए। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसे नई परंपरा बताकर विरोध किया, जिससे तनाव की स्थिति बनी। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैनर हटाए और कई लोगों पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद से ही सोशल मीडिया और कई जगहों पर यह ट्रेंड तेजी से फैल गया।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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