वाराणसी। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर गरीबों के अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, भूमिहीन और वंचित समाज को जल्द से जल्द घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए ताकि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अपनी नागरिकता साबित कर सकें।
सांसद ने बताया कि उन्होंने इस मांग को लेकर मंडलायुक्त एस. राज लिंगम से मुलाकात भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग को घरौनी से वंचित कर उनकी नागरिकता पर सवाल उठाने और उन्हें मतदाता सूची व राशन कार्ड से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।
बिहार का उदाहरण देकर सरकार पर निशाना
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पूरे देश में चुनाव आयोग एसआईआर के जरिए मतदाता पुनरीक्षण का काम कर रहा है। बिहार में भी इसी तरह की साजिश देखी गई, जहां गरीबों के मताधिकार को छीनने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को मताधिकार दिया है, लेकिन सरकार गरीबों से उनके अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।
“गरीब को उसका मालिकाना हक दीजिए”
सांसद ने कहा कि कई पीढ़ियों से गरीब लोग मकान बनाकर रह रहे हैं और अब सरकार उनसे मालिकाना हक के कागजात मांग रही है। उन्होंने साफ कहा कि जो जहां बसा है, उसे वहीं का मालिकाना हक दिया जाए। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों को अधिकार दिलाना भाजपा की नीतियों में शामिल नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
वीरेंद्र सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गरीबों को घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि अगर गरीबों के मालिकाना हक की अनदेखी जारी रही तो जनप्रतिनिधि चुनाव आयोग की प्रक्रिया का विरोध और बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे।










