धर्म की नगरी काशी में प्रति वर्ष श्रावण मास में बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन हेतु लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने भक्तों और कावड़ियों की सहूलियत के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।
हर वर्ष सावन में बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है। बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को ढाई से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है। बाबा के दर्शन व जलाभिषेक में न्यूनतम 5 से 6 घंटे का समय लग सकता है। ऐसे में श्रद्धालु भोजन कर ही बाबा के दर्शन को आए।
श्रद्धालुओं को मंदिर में गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने से ललिता घाट की ओर से मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है, जिसके कारण दूसरे गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ सकती है।
इस बार भी पिछले वर्ष की भांति सावन भर बाबा के दर्शन हर चौराहे व घाटों पर स्मार्ट सिटी के सहयोग से करवाए जाएंगे। इसी के साथ धाम क्षेत्र में खोया पाया केंद्र और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया जाएगा।