संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है और पहले ही दिन शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे पाकिस्तान को दिया गया करारा जवाब बताया और कहा कि यह मिशन आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दर्शाता है।
“अब भी अधूरा है न्याय”
प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक सभी आतंकियों को गिरफ्तार कर कानूनी सजा – खासकर फांसी – नहीं दी जाती, तब तक सच्चा न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि बचे हुए दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ कर अदालत में लाया जाए।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति सख्त
चतुर्वेदी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वह खुद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखने के लिए विभिन्न देशों का दौरा कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “हमने दुनिया को बताया कि पाकिस्तान की धरती से आतंक फैलाया जा रहा है और भारत इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
“सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, जड़ से खत्म करना जरूरी”
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि सिर्फ सैन्य कार्रवाई से संतोष नहीं किया जा सकता। जब तक आतंक की जड़ को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक शहीदों के परिजनों को सच्चा न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में भी जोरशोर से उठाएंगी ताकि सरकार आतंकवाद के खिलाफ और मजबूत कदम उठा सके।










