सावन शिवरात्रि पर काशी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए हजारों शिवभक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंचे। इस मौके पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।

शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस बल, स्वास्थ्य टीम, पेयजल और मोबाइल टॉयलेट जैसी व्यवस्थाएं जगह-जगह तैनात की गईं। वहीं, बुधवार को प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे माहौल और अधिक भक्ति भाव से सराबोर हो गया।

क्यों मनाई जाती है सावन शिवरात्रि?

पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले कालकूट विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए स्वयं पिया था। इस विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया, जिसके कारण उन्हें ‘नीलकंठ’ कहा गया। कहते हैं कि विष से शिव के कंठ में जलन होने लगी, तब सभी देवताओं ने उनका जल, दूध व गंगाजल से अभिषेक किया। तभी से सावन मास की शिवरात्रि को विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा और अभिषेक के रूप में मनाया जाता है।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

Leave a Comment

और पढ़ें