वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास और राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने वाराणसी दौरे के दौरान कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान है और यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार देसी गोवंश के संरक्षण और नस्ल सुधार को प्राथमिकता दे रही है।
नस्ल सुधार के लिए मुफ्त वीर्य और अनुदान
मंत्री ने बताया कि हरियाणवी, साहिवाल और गिर जैसी देसी नस्लों के लिए विशेष श्रेणी का वीर्य मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे दूध उत्पादन में इजाफा हो और नस्लों की गुणवत्ता सुधरे। कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए वीर्य की कीमत 300 रुपये से घटाकर सिर्फ 100 रुपये कर दी गई है।
निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय और भोजन
धर्मपाल सिंह ने जानकारी दी कि 13 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को 7607 गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित किया गया है, जहां उनके भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही गोचर भूमि को खाली कराकर वहां हरे चारे की खेती करवाई जा रही है।
नंदिनी योजना और सुरक्षा उपाय
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत यदि कोई किसान दो देसी गायें खरीदता है तो उसे 80,000 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं बारिश के मौसम में सड़कों पर गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए गायों को रेडियम बेल्ट पहनाने और आश्रय स्थलों में कीचड़ मुक्त रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
विपक्ष पर हमला और धर्मांतरण पर सख्ती
सपा नेता अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए मंत्री बोले, “पहले गाय कसाई को देखकर कांपती थी, अब कसाई गाय को देखकर कांपता है।” उन्होंने कहा कि धर्मांतरण पर कड़ा कानून बनाया गया है और जो भी इसमें शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
काशी की महत्ता
काशी की आध्यात्मिक गरिमा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “जहां जल है, वहां शिव हैं और जहां शिव हैं, वहां कल्याण निश्चित है।”
उन्होंने मंडलीय समीक्षा बैठक में गो-आश्रय स्थलों की स्थिति का जायजा लिया और बरसात के मौसम में पशुओं की देखभाल के लिए अफसरों को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।










