IIT कानपुर के प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी बने BHU के नये कुलपति, राष्ट्रपति ने की नियुक्ति

BHU

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) को आखिरकार सात महीने बाद स्थायी कुलपति मिल गया है। लंबे समय से खाली चल रहे इस अहम पद पर अब आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी की नियुक्ति की गई है। विश्वविद्यालय को यह जानकारी डिप्टी सेक्रेटरी श्रेया भारद्वाज द्वारा भेजे गए पत्र के माध्यम से दी गई।

पत्र में बताया गया है कि भारत की राष्ट्रपति ने प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी को BHU का कुलपति नियुक्त किया है। वह अपनी जॉइनिंग की तारीख से अगले तीन वर्षों तक या 70 वर्ष की उम्र तक, जो भी पहले हो इस पद पर कार्यरत रहेंगे।

कौन हैं प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी?

प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी एक अनुभवी शिक्षाविद् और प्रशासक हैं। वे पूर्व में आईआईटी रुड़की के निदेशक रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने आईआईटी कानपुर में डीन (R&D) और उप निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने वायरलेस कम्युनिकेशन में वेवफॉर्म शेपिंग, सीक्वेंस डिजाइन और MIMO सिस्टम जैसे क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है।
चतुर्वेदी को आईआईटी मंडी के कार्यवाहक निदेशक का दायित्व भी सौंपा गया था, जहां उन्होंने जनवरी 2022 तक सेवाएं दीं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने बीटेक (1986), एमटेक (1988) और पीएचडी (1995)—तीनों ही डिग्रियां इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में आईआईटी कानपुर से हासिल की हैं।

जनवरी से खाली था पद


बता दें कि जनवरी 2025 में पूर्व कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उनके जाने के बाद विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. संजय कुमार को कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। छात्रों और शिक्षकों के बीच स्थायी कुलपति की मांग लगातार उठती रही, खासकर दाखिला प्रक्रिया और नीतिगत निर्णयों में स्पष्टता की कमी को लेकर असंतोष बना रहा।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

Leave a Comment

और पढ़ें