Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड (Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case) में बड़ी कार्रवाई हुई है। हत्या के करीब 6 महीने बाद पुलिस ने दोनों शूटरों को एनकाउंटर में मार गिराया। मृतकों की पहचान संजय तिवारी उर्फ अकीस खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान खान के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या, हत्या की कोशिश और अन्य संगीन अपराधों के कई केस दर्ज थे, साथ ही एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था।
मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपी
गुरुवार को पिसावां थाना क्षेत्र में पुलिस और STF की टीम कॉम्बिंग कर रही थी, तभी बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाशों ने रुकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दोनों शूटर घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मुठभेड़ के बाद मौके से हथियार भी बरामद किए गए हैं।
8 मार्च को हुई थी पत्रकार की हत्या
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की 8 मार्च 2025 को हेमपुर ओवरब्रिज पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान सामने आया था कि इस वारदात में पांच लोग शामिल थे। पुलिस ने 34 दिन बाद मामले का खुलासा करते हुए कारेदेव बाबा मंदिर के पुजारी और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, दोनों शूटर तब से फरार थे और अब एनकाउंटर में मारे गए हैं।
पत्नी रश्मि ने उठाए सवाल
हालांकि, इस कार्रवाई से राघवेंद्र की पत्नी रश्मि बाजपेयी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने पहले ही मांग की थी कि पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई उनकी जानकारी में हो, और शूटरों को पहचान के लिए उन्हें दिखाया जाए। रश्मि का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी और न ही शूटरों को दिखाया। ऐसे में वे इस एनकाउंटर पर सवाल उठा रही हैं और कार्रवाई को अधूरा मान रही हैं।










