कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक पूजा पाल इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में योगी सरकार की कानून व्यवस्था की तारीफ करने पर पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूजा पाल ने कहा – “जिन्होंने मुझे और मेरे परिवार को न्याय दिलाया, उनकी सराहना करना गलत कैसे हो सकता है?”
अखिलेश यादव पर निशाना
पूजा पाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब 2012 में मैं सपा से जुड़ी थी, तब यह अखिलेश यादव की पार्टी थी, लेकिन अब लगता है कि वह भी माफियाओं का साथ दे रहे हैं। आज की सपा, नेताजी मुलायम सिंह यादव वाली पुरानी पार्टी जैसी हो गई है। जिन्होंने मेरे पति के हत्यारों का खात्मा किया, उनकी तारीफ करने पर मुझे पार्टी से निकाल दिया गया।”
राजनीतिक भविष्य पर रुख साफ नहीं
आगे की राजनीति को लेकर पूजा पाल ने कहा कि अभी उन्होंने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उनका कहना है कि वह समाज के बीच जाएंगी और आगे की राह समाज ही तय करेगा।
राज्यसभा वोटिंग और योगी से मुलाकात
राज्यसभा चुनाव में दिए गए वोट को लेकर उठे सवालों पर भी उन्होंने सफाई दी। पूजा पाल ने कहा कि उन्होंने उसी को वोट दिया जिसने उन्हें न्याय दिलाया। पहले भी कई बार राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव हुए लेकिन उन्होंने पार्टी लाइन से कभी विद्रोह नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि वोटिंग के बाद से उनकी अखिलेश यादव से कोई मुलाकात नहीं हुई है, हालांकि अपने क्षेत्र के विकास के लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जरूर मिली थीं।
निष्कासन पत्र विवाद पर प्रतिक्रिया
निष्कासन पत्र में नाम के आगे ‘सुश्री’ लिखे जाने पर उठे विवाद पर पूजा पाल ने कहा कि यह शायद गलती से हुआ होगा। उन्होंने कहा कि इस पर उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।










