लखनऊ में रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिला से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की।
बैठक में मायावती ने अमेरिका के भारी-भरकम 50% ट्रम्प टैरिफ से पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इनसे सही ढंग से निपटने के लिए भारत सरकार और खासतौर पर सत्ताधारी बीजेपी को अपनी नीतियों और कार्यक्रमों में बड़े सुधार करने होंगे। वरना गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं और गहरी हो जाएंगी, जिससे देश की साख पर भी असर पड़ेगा।
मायावती ने यूपी समेत अन्य राज्यों में धार्मिक स्थलों और संतों-महापुरुषों के अपमान की घटनाओं पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति छोड़कर सरकारों को ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कानून व्यवस्था कायम रह सके।
बैठक में उन्होंने 9 अक्टूबर को बीएसपी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाले राज्यव्यापी कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील भी की। मायावती ने बताया कि इस बार का आयोजन राजधानी के वीआईपी रोड स्थित ‘मान्यवर श्री कांशीराम स्मारक स्थल’ पर होगा, जहां वह खुद शामिल होकर श्रद्धांजलि देंगी और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगी।










