वाराणसी। बरसात खत्म होते ही दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना की रफ्तार तेज होने वाली है। इस योजना के तहत अतिक्रमण की जद में आए 186 मकान मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) दालमंडी गली में ही कैंप कार्यालय शुरू करने जा रहा है, ताकि लोगों को नदेसर स्थित दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़ें।
191 करोड़ रुपये का मुआवजा तय
पीडब्ल्यूडी ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 191 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया है। एक्सईएन के.के. सिंह ने बताया कि कैंप कार्यालय इसी हफ्ते से काम करना शुरू कर देगा। यहां दस्तावेज जमा करने से लेकर चेक जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया पूरी होगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा
अधिकारियों के अनुसार कैंप कार्यालय में कंप्यूटर और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। यह कार्यालय मुख्य दफ्तर से जुड़ा रहेगा। मकान मालिकों को केवल अपने जरूरी कागजात जमा करने होंगे, जिसके बाद चेक के जरिए मुआवजा मिल जाएगा और संबंधित संपत्तियां सरकार के नाम दर्ज कर दी जाएंगी।
दालमंडी प्रोजेक्ट क्या है?
वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास किया था। राज्य सरकार ने इसके लिए 215.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
60 फुट चौड़ी होगी सड़क
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक चौक थाने तक लगभग 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा बनाया जाएगा। इसमें 30 फुट सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी होगी। साथ ही बिजली, पानी और सीवर की लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस काम से इलाके में फैला तारों का जंजाल भी खत्म हो जाएगा।










