Varanasi News : वाराणसी की मशहूर मिठाई लौंगलता और यहां की पारंपरिक बोट क्राफ्ट (नाव निर्माण व रिप्लिका) अब देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रही हैं। काशी के रहने वाले GI मैन पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर इन दोनों उत्पादों के लिए जीआई टैग आवेदन दायर किया है। इसके साथ ही गुजरात के सोमपुरा स्टोन क्राफ्ट का भी आवेदन किया गया, जो इस अवसर पर देश का 75वां जीआई उत्पाद बन गया।
एक साल का संकल्प हुआ पूरा
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पहले संकल्प लिया था कि प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिन तक 75 उत्पादों का GI पंजीकरण कराया जाएगा। यह यात्रा 17 सितंबर 2024 से शुरू हुई थी और ठीक एक साल बाद 17 सितंबर 2025 को 75वां आवेदन दाखिल कर संकल्प पूरा हुआ।
काशी की मिठाई और नाव कारीगरी को मिलेगा सहारा
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि वाराणसी जिले में करीब 800 से अधिक दुकानें रोजाना लौंगलता बेचती हैं। वहीं, नाव निर्माण और उसकी छोटी प्रतिकृतियां बनाने के कार्य में लगभग 1000 परिवार जुड़े हुए हैं। GI टैग मिलने के बाद न सिर्फ इन कारीगरों और व्यापारियों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
संस्थाओं का योगदान
यह पहल वाराणसी की ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, नाबार्ड, वस्त्र मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डोनर मंत्रालय और भारत सरकार के सहयोग से पूरी हुई।
75 उत्पादों की सूची
इनके अलावा इस सूची में मिर्जापुर बजरी, रामकेड़ा आम, सूरत डायमंड, पानीपत खेस टेक्सटाइल, त्रिपुरा चकमा वस्त्र, हिमाचल वुड कार्विंग, नागालैंड मौलम अनानास, मिजोरम दारजो चाय, जयपुरी रजाई, मेघालय बांस शिल्प, अरुणाचल तवांग मोनपा मास्क, मणिपुरी गुड़िया, असम काजीरंगा टेक्सटाइल, तेलंगाना टसर सिल्क, ओडिशा बोंडा ज्वेलरी, पुष्कर गुलकंद, खजुराहो स्टोन क्राफ्ट, मालवा पेंटिंग, मणिपुर पॉटरी, अरुणाचल शाडुकपेंग वस्त्र समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं।










