कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को फिर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और ओबीसी मतदाताओं को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से वोट काटे जा रहे हैं। राहुल ने चेतावनी दी कि “यह अभी तो शुरुआत है, असली विस्फोट आगे आने वाला है।”
बिहार चुनाव से पहले की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है, वहीं से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कर्नाटक का जिक्र किया और मंच पर सूर्यकांत नामक व्यक्ति को बुलाकर उसका अनुभव साझा कराया। सूर्यकांत ने बताया कि उनके नाम से 12 वोट डिलीट कर दिए गए और यह काम उनके फोन से दिखाया गया, जबकि उन्होंने खुद कभी ऐसा नहीं किया।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 अहम बातें
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वोट चोरी पर मेरे पास ठोस सबूत हैं, खासकर दलित, आदिवासी और ओबीसी को टारगेट किया गया।
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संविधान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, गरीबों के वोट सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे हैं।
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कर्नाटक CID ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 चिट्ठियां भेजीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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फरवरी 2023 में FIR दर्ज हुई थी, मार्च 2023 में CID ने पत्र लिखा, अगस्त 2023 में आंशिक जवाब मिला।
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जनवरी 2024 में पूरी जानकारी मांगी गई, लेकिन आज तक नहीं दी गई।
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चुनाव आयोग के पास सारी जानकारी है, पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे छिपा रहे हैं।
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आयोग के भीतर से हमें मदद मिलनी शुरू हो गई है, अब सच छिपाया नहीं जा सकता।
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महाराष्ट्र के राजुरा में कॉल और मैसेज के जरिए वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े गए।
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मैं सबूत पेश करूंगा कि वोट कैसे जोड़े और काटे जाते हैं, और इसमें चुनाव आयोग किसे बचा रहा है।
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अगर चुनाव आयोग एक हफ्ते में जवाब नहीं देता, तो यह मान लिया जाएगा कि वह संविधान तोड़ने वालों के साथ खड़ा है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई संविधान को बचाने की है और जनता अब किसी भी साजिश को स्वीकार नहीं करेगी।










