बिहार में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। पहले राज्य में कुल 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाता दर्ज थे। इस दौरान करीब 65 लाख नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या घटकर 7.24 करोड़ रह गई थी। इसे लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अब नई सूची में 21 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।
कैसे देखें अपनी वोटर डिटेल?
चुनाव आयोग के मुताबिक, कोई भी मतदाता अब आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपना नाम और विवरण चेक कर सकता है। इस प्रक्रिया में नए नाम जोड़े गए हैं, वहीं मृतक और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाया गया है। जिन मतदाताओं ने अपना पता बदलवाया था, उनकी डिटेल भी अपडेट कर दी गई है।
विपक्ष का आरोप
चुनाव आयोग ने साफ किया था कि SIR का मकसद सिर्फ पात्र मतदाताओं के नाम को सूची में बनाए रखना और छूटे हुए लोगों को जोड़ना है। लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव से कुछ महीने पहले यह कदम सत्तारूढ़ गठबंधन को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है। इस मुद्दे पर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली थी।
ड्राफ्ट लिस्ट के बाद आवेदन
1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार 756 वोटर्स का नाम था, यानी पहले के मुकाबले 65.63 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद आयोग ने करीब 3 लाख लोगों को नोटिस भेजा। इस दौरान 2.17 लाख लोगों ने नाम हटाने और 16.93 लाख लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया।
जिलों का हाल
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मुजफ्फरपुर जिले में मतदाताओं की संख्या में 88,108 की वृद्धि हुई है, जो अब बढ़कर 32,91,478 हो गई।
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वहीं पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों में कुल वोटर्स की संख्या 48,15,294 से घटकर 46,51,694 हो गई है।










