Bihar Chunav : ओवैसी ने SIR पर उठाया सवाल, बीजेपी पर लगाया मतदाताओं के उत्पीड़न का आरोप

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से बीजेपी को धर्म के आधार पर मतदाताओं को परेशान करने और उन्हें सूची से हटाने का अवसर मिल सकता है।

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार में एसआईआर की असली तस्वीर यही है कि राजनीतिक दल, खासकर बीजेपी, मतदाताओं को धर्म के आधार पर परेशान करने का मौका पा सकते हैं। आज के भारत में गरीब मुसलमान और दलित वोट देने के अपने अधिकार के लिए निर्भर हैं। बीजेपी उन्हें इस अधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है।”

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया से पहले मतदाता संख्या 7.89 करोड़ थी। नए अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या लगभग 7.42 करोड़ रह गई है, यानी करीब 47 लाख की कमी आई है।

हालांकि, अंतिम सूची में कुल 17.87 लाख नए मतदाता शामिल किए गए हैं। पहले 1 अगस्त को जारी मसौदा सूची में 7.24 करोड़ मतदाता थे। मसौदा सूची से 65 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें मृत्यु, प्रवास और नामों के दोहराव जैसी वजहें शामिल थीं।

चुनाव आयोग ने इस बार 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े हैं, जबकि 3.66 करोड़ ऐसे नाम हटा दिए गए हैं, जो निर्धारित मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे। यह पूरी प्रक्रिया एसआईआर के तहत संपन्न हुई और नई सूची अब कुल 7.42 करोड़ मतदाताओं के साथ जारी की गई है।

ओवैसी ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यह चेतावनी दी कि इसे राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सभी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पारदर्शी तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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