उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोहत्या की घटना को लेकर राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले पर योगी सरकार को घेरा है। अखिलेश ने कहा कि इस घटना का “कड़वा सच जनता के सामने आना चाहिए”।
घटना का पूरा मामला
गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के मलांव गांव में यह मामला सामने आया। स्थानीय निवासी राज पांडे ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 29 सितंबर को उनकी गाय बंधन से छूटकर भाग गई थी। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि कुछ लोगों ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में दफना दिया।
तहरीर में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं उनमें सतीश गुप्ता, अनुराग गुप्ता, सिताराम पासवान, वृजमोहन पासवान, कृष्ण मुरारी, मिलन गुप्ता और भोलू गुप्ता शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपी अनुराग गुप्ता के ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खून के धब्बे भी मिले हैं, जिनका वीडियो उनके पास मौजूद है।
अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा,”गोरखपुर से गो-हिंसा की खबर बेहद संवेदनशील है। सरकार न तो आरोपियों को बचाए और न ही उन्हें छिपाए। यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन सिर्फ इसलिए चुप्पी साधे हुए है कि गाय जिस समाज से जुड़ी है, वह किसी विशेष वर्ग को पसंद नहीं? यह गंभीर जांच का विषय है कि गोरखपुर जैसे बड़े शहर में ऐसा गोरखधंधा किसके संरक्षण में चल रहा है।”
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी तक फरार बताया जा रहा है।










