मध्यप्रदेश के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में नवरात्रि साधना के समापन पर एक अहम निर्णय लिया गया है। धाम के प्रमुख बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घोषणा की है कि अब धाम में आने वाले VIP और VVIP सिफारिशकर्ताओं से सीधे मुलाकात नहीं की जाएगी। महाराज ने स्पष्ट किया कि अब आशीर्वाद और दर्शन का अवसर केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को मिलेगा जो सच्चे मन से बिना किसी सिफारिश के बागेश्वर धाम पहुंचेंगे।
नवरात्रि साधना का समापन
नवरात्रि की नौ दिवसीय साधना के बाद दशमी के दिन महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी में पहुंचकर व्रत का समापन किया। इस मौके पर बनारस से आए आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ विधिवत पूजा कराई।
साधना के अनुभव साझा करते हुए महाराज ने बताया कि इस दौरान 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान का जाप किया गया और माता रानी की आराधना कर उसे अपने आराध्य बागेश्वर बालाजी को समर्पित किया गया।
गुरु का आदेश और नया नियम
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि साधना के दौरान उनके गुरु सन्यासी बाबा ने उन्हें आदेश दिया कि VIP और VVIP मुलाकातों की वजह से अक्सर गरीब और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है। गुरु के आदेश के बाद निर्णय लिया गया कि अब धाम में प्रोटोकॉल और सिफारिशों वाले लोगों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
हालांकि, महाराज ने कहा कि VIP और VVIP यदि धाम आते हैं तो उन्हें अलग समय दिया जाएगा, लेकिन पहला अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे भक्तों को ही मिलेगा।
भक्तों से मुलाकात का नया तरीका
नए नियमों के अनुसार अब पहले की तरह ही दिव्य दरबार आयोजित होगा, जहां भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगे। शाम के समय मरीजों के लिए दर्शन होंगे और श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति प्रदान की जाएगी।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और हर गुरुवार भक्तों से नई नियमावली के तहत मुलाकात होगी।










